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Narendra Modi is a greatest hero नरेंद्र मोदी एक महान नायक

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Narendra Modi greatest hero नरेंद्र मोदी एक महान नायक  आपने कभी रेगिस्तान का विशाल मैदान देखा होगा, रेगिस्तान के विशाल मैदान की स्थिति कभी एक जैसी नहीं होती, समय दर समय आने वाले आंधी और तूफ़ानों से रेत उड़ती रहती है और स्थितियों में बदलाव होते रहते हैं।          यह संसार भी ऐसा ही है जैसी परिस्थितियां बनती है वैसा ही कार्य होते चले जाते हैं, और संसार समय अनुसार बदलता रहता है इस संसार में मुख्यतः तीन प्रकार के लोग रहते हैं, एक जो पाप कर्म करते हैं, दूसरे जो धर्म कर्म करते हैं, और तीसरे जो इन पाप और पुण्य के चक्कर में बीच में धक्के खाते रहते हैं।     समय-समय पर राम, कृष्ण, बुद्ध जैसे महापुरुष इस संसार में आते रहते हैं मैं यह पूर्ण रूप से नहीं मानता हूं कि किसी महात्मा का जन्म हुआ है अपितु उस आत्मा में समय की मांग के अनुरूप अपने आप को एक योद्धा के रूप में तैयार करने की क्षमता होती है, और समय की मांग के अनुसार समय एक दिन उन्हें प्रस्तुत करता है और उनके कंधों पर समय की महान बदलाव का भार डाल देती है। समय को भली प्रकार पता होता है कि किस कार...

Sahjan flower Indian kadhi swadisht recipe

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Sahjan flower Indian kadhi swadisht recipe  Video link  https://youtu.be/riR6V4o4mHM सहजन या मुनगा भारत के सभी प्रांतों मे पाया जाता है यह पूरे विश्व में सर्वाधिक मात्रा मे इस वृक्ष की फूल, पत्तियों एवं फल का प्रयोग किया जाता है, जितने प्रकार के विटामिन और मिनरल इस पौधे में पाया जाता है और किसी भी पौधे में नहीं पाए जाते यह बात हमे समझ लेनी चाहिए, कहीं कहीं सहजन बारह मासी भी पाया जाता है जिसमें  पूरे साल फल फूल आते हैं, परंतु अधिकतर यह पौधा जनवरी और फ़रवरी में पुष्प आने लगते हैं, पूरा पेड़ स्वेत छोटे छोटे फूलों से भर जाता है, मुस्किल से 5% फूल ही फल पाते हैं बाकी का फूल गिर जाता है, इतने कम फूलों का फलना भी बहुत होता है ज्यादा फल आने से पौधे की नाजुक डाली टूट जाती है, Touch pic for video           तो जहाँ इतने सारे फूल गिर जाया करते हैं तो लोग फूलों से भी तरह-तरह से खाने में प्रयोग करते हैं  तो मैं सहजन के फूल की  चपाती कड़ी बनाई है, उम्मीद करती हूँ कि आपको बहुत पसंद आएगी, वीडियो को पूरा देखिए, like किजिये, share किजिय...

तीन भावना जिसके अंदर है, वह बादशाह है । भरोसा, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा

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      तीन भावना जिसके अंदर है       वह बादशाह है     भरोसा, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा   Three spirit inside      He is king    Trust, confidence and honesty भरोसा - :-  भरोसा नहीं तो कुछ भी नहीं, भरोसा प्रकृति का आधार है, भरोसा नहीं तो कुछ भी नहीं, " भरोसा के दो आयाम होते हैं, एक आपके अंदर की ओर दूसरी आपके बाहर की ओर, जो आपके अंदर जाती है ओ आपका behaviour बनकर बाहर आती है,और जो आयाम बाहर की ओर जाती है ओ परिवेश की behaviour बनकर आपके अंदर आती है। " जिसके अनुसार आप अपनी जीवन-शैली तय करते हैं, जीवन शैली तय करती है तो स्वाभाविक है आप उसी के अनुरूप कुछ खोते जा रहे होते हैं और कुछ पाते जा रहे होते हैं। अगर आपके अंदर भरोसा शून्य है तो आपके अंदर बहुत से संबंधित भावनाओं पर इसका नकारात्मक असर होता है, भावनाओं का आधार क्षीण होने के कारण उनमे संकुचन होने लगता है, जीवन ऊर्जा का अभाव होने लगता है। इसके विपरित अगर अधिक भरोसा है तो, जीवन कार्यशैली अलग होगी पर परिणाम लगभग समान और दुखदाई होंगे। तो भ...

मानसिक अवस्थाएं Mentally situations

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Mentally situations ऐसा सोच जो मस्तिष्क की क्षमता को नष्ट कर दे         ऐसा क्या है जो इंसान को बदल देता है, यहां समझने वाली बात यह है कि, एक मस्तिष्क जो हमारे बॉडी को कन्ट्रोल करता है और वही मस्तिष्क हमारे मस्तिष्क को भी कंट्रोल करने का काम करता है,चूंकि लेख का शीर्षक मस्तिष्क और उसके सोच पर है तो हमे पहले मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को कम शब्दों में समझने की जरूरत पहले होगी।          हमारे शरीर मे हो रहे रासायनिक प्रक्रिया को तो मस्तिष्क सीधे तौर पर ही निर्देशित करता है परन्तु मस्तिष्क को जब कंट्रोल करना होता है तो यह कई चरणों मे काम करता है,इस प्रक्रिया मे माइंड अपने ज्ञानेन्द्रियों की सहायता लेता है। नाक की सहायता सूंघने के लिए, नेत्र की सहायता देखने के लिए, जीभ की सहायता टेस्ट के लिए, त्वचा की सहायता गर्मी, ठंडी के साथ वस्तु की भौतिक प्रकृति के लिए, अब हम विज्ञान की सहायता भी लेने लगे हैं, जहाँ हमारे प्रयोग से हमे और भी गहन अध्ययन का पता चलता है,  मस्तिष्क अब करता यह है  कि सारे इन्द्रियों से लिए गए आंकड़ों के आधार प...

पुनरावृत्ति का सिद्धांत Theory of Recurrence

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पुनरावृत्ति का सिद्धांत  Theory of Recurrence दोस्तों क्या आप जानते हैं कि ब्रह्मांड के हर पिंड पुनरावृति कर रहे हैं, तब आप यह भी मान सकते हैं कि पुनरावृति में जो उस माध्यम से जो ऊर्जा प्रगट हुई है, वह या तो पूर्व से अंत तक एक समान होगी या पूर्व से मध्य या अंत तक यह ऊर्जा कई बार स्पंदित हुई होगी।                लेकिन इससे पहले हम यह जानने की कोशिश करते हैं, कि हमारे दैनिक जीवन में कौन-कौन सी चीजें हैं  जो पुनरावृति कर रही हैं, और कौन-कौन सी चीजें स्थिर हैं, या जिनकी चाल एक सीधी रेखा पर है।        पुनरावृति का यह अर्थ लगाया जाता है कि, जब कोई ऑब्जेक्ट प्रारंभिक स्थान से चलकर पुनः एक निश्चित समय में उसी बिंदु से आकर मिलता है, अर्थात उस ऑब्जेक्ट की एक पुनरावृति कहलाती है।     धड़कन की एक छोटी पुनरावृति, श्वसन की एक पुनरावृति, घड़ी की एक पुनरावृति, धरती की एक पुनरावृति, चांद की एक पुनरावृति, ध्वनि की एक पुनरावृति, प्रकाश की पुनरावृति आदि, अब हम यह मान सकते हैं कि, हर ग्रह नक्षत्र जो हमें आकाश में दिखाई...

अनहोनी कुछ भी नहीं nothing happens without reason

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अनहोनी कुछ भी नहीं   nothing happens without reason मित्रों होनी और इसका ऑपोजिट वर्ड अनहोनी के बारे में आप भली प्रकार परिचित होंगे और आपके पास हो रही घटनाओं में आप इन शब्दों का उपयोग करते ही होंगे आप योगी मानते होंगे कि आपके साथ भी कोई ऐसी ही घटना जरूर हुई होगी या आपके किसी मित्र या पड़ोसी के साथ भी ऐसी घटना का जिक्र आया होगा बाइक चलाते हुए हुआ एक्सीडेंट  क्या अनहोनी है यह कोई अनहोनी नहीं बल्कि होनी है, जो भी इस संसार में वर्तमान में हो रही है वह 100% होनी है अनहोनी नहीं। आज तक इस संसार में कुछ भी अनहोनी नहीं हुई यह प्रकृति का नियम है कि किसी भी परिणाम के पीछे कोई ना कोई कारण अवश्य ही होती है हम इसे नकार नहीं सकते हम यह भी कहते हैं कि होनी को कौन टाल सकता है अर्थात जो इस संसार में हो रहा है उसे टाला नहीं जा सकता तो यह अनहोनी जैसी शब्द कहां से आई बेशक यह शब्द वहां से बनती है जहां अज्ञानता है, जब हमें यह नहीं पता होता कि यह कैसे हुआ तो हम यह मान लेते हैं कि ऐसा होना ही नहीं चाहिए था फिर भी हो गया अथार्त होनी नहीं अनहोनी है। अनहोनी नाम की कोई शब्द नहीं होती उन्होंने उन लोगो...

Power of six sense छठी इंद्रिय की क्षमता

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Power of six sense छठी इंद्रिय की क्षमता इस ब्रह्मांड की हर चीज गति कर रही है, परम सत्य है और इस संसार की हर वस्तु गतिमान है, जिसे हम स्थिर मान रहे होते हैं जैसे घर पहाड़ खंभा आवर पेड़-पौधे इत्यादि इत्यादि सब गतिमान हैं भले ही हमे यह स्थिर महसूस  होता है।         धरती घूम रही है उसी के साथ सभी जीव जंतु नदी पहाड़ घर सभी गति कर रहे हैं, यह एक भौतिक प्रक्रिया की गति है हमारे अंदर या किसी भी वस्तु जीव या निर्जीव सबके अंदर अणु गति कर रहे हैं।           जीव या निर्जीव एक दूसरे के ऊपर अपनी क्षमता के अनुरूप हर वस्तु जीव या निर्जीव पर अपना प्रभाव दिखाते हैं जब हम अकेले किसी कमरे में बैठे होते हैं तो घर में रखे सामान की मैग्नेटिक फील्ड और हमारी मैग्नेटिक फील्ड या घर की मैग्नेटिक फील्ड और हमारी मैग्नेटिक फील्ड आपस में जुड़े रहते हैं, इसका हमें इसका ज्ञान नहीं होता, हम इस पर कभी ध्यान नहीं देते वह निरंतर चल रहा होता है, ओ हमारे ऊपर पॉजिटिव या नेगेटिव प्रभाव डाल रहे होते हैं, इसे जानने के लिए आपको थोड़ा ज्यादा संवेदनशील होना होगा आप जितना ज्...

निधिवन - जहाँ कान्हा आजभी रचाते है रास

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निधिवन - जहाँ कान्हा आजभी रचाते है रास 5200 वर्ष पूर्व वृन्दावन की इसी धरा पर कान्हा जी ने राधारानी और गोपियों संग महारास रचाया था... द्वापर युग से आज तक हर रात राधे-कृष्ण यहां साक्षात प्रकट होते है... निधिवन में स्थित 16108 वृक्ष गोपियों मेंतब्दील होकर रातभर कान्हा संग महारास रचाती है... सूरज की पहली किरण फूटने से पहले ही गोपियां वृक्ष का आकार ले लेती है.. और भगवान कृष्ण राधिका रानी के संग अन्तर्धान हो जाते है। एक बार कलकत्ता का एक भक्त अपने गुरु की सुनाई हुई भागवत कथा से इतना मोहित हुआ कि वह हरसमय वृन्दावन आने की सोचने लगा उसके गुरु उसे निधिवन के बारे में बताया करते थे और कहते थे कि आज भी भगवान यहाँ रात्रि को रास रचाने आते है उस भक्त को इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा था और एक बार उसने निश्चय किया कि वृन्दावन जाऊंगा और ऐसा ही हुआ श्री राधा रानी की कृपा हुई और आ गया वृन्दावन उसने जी भर कर बिहारी जीका राधा रानी का दर्शन किया लेकिन अब भी उसे इसबात का यकीन नहीं था कि निधिवन में रात्रि को भगवान रास रचाते है उसने सोचा कि एक दिन निधिवन रुक कर देखता हू इसलिए वो वही पर रूक गयाऔर देर तक...

सकारात्मक एवं नकारात्मक ऊर्जा का हमारे जीवन पर प्रभाव

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सकारात्मक एवं नकारात्मक ऊर्जा का हमारे जीवन पर प्रभाव  घर की रखी सामानों मे उनकी स्थिति और उनकी उत्पन्न ऊर्जा का हमारे मन और हमारी सारीरिक यादों से बनी हमारी भावनाओं पर क्या प्रभाव डालती है, इसका असर हमारे जीवन को कैसे प्रभावित करता है, किस स्थिति मे सकारात्मक एवं किस स्थिति में नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। ग्लास पानी से भरा हुआ है ग्लास गिर गया कोई बड़ी बात नहीं क्यूकी स्वाभाविक है कि अगर ग्लास का बैलेंस बिगड़ा तो ग्लास गिरेगा ही, ग्लास का गिरना नकारात्मक ऊर्जा नही दे रही है यहाँ कारण कोई भी बना हो सकता है, कोई इंसान कोई जानवर या भूकंप, जब तक आपकी नजर उस गिरी ग्लास पर पड़ नही गई तब तक कुछ वैसा नहीं था जैसा आपकी नजर पड़ने पर आपके साथ  अनुभव हो रहा है उसकी नकारात्मक ऊर्जा का असर हो रहा है क्वांटम साईंस इसे प्रूफ कर चुकी है, यह किसी वस्तु जीव या निर्जीव सब के साथ ऐसा होता है, वही आपके साथ भी हो रहा है, चूंकि ग्लास बना ही है ऊपर की तरफ अपना खुला भाग रखना, ओ अब लेटा हुआ हो तो उसकी ऊर्जा भी नकारात्मक होगी जो आपके ऊपर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगी या डालती रहेगी जब तक ग्लास उठ...

लाइफ को बेहतरीन कैसे बनाएँ सबकुछ कैसे पाएँ खुद से सवाल करें

लाइफ को बेहतरीन कैसे बनाएँसबकुछ कैसे पाएँखुद से सवाल करें हैलो दोस्तों मै आपका दोस्त प्रकाश पटेल दो मिनट निकालें और पढ़ें लाइफ को बेहतरीन कैसे बनाएँ सबकुछ कैसे पाएँ खुद से सवाल करें मेरा सवाल आपसे👍  क्या आप अपने लाइफ़ से संतुष्ट हैं? क्या आप जो सोचे थे वो पा चुके हैं? क्या आप एक बेहतर जिंदगी जीना चाहते थे? क्या आपके सारे सपने पूरे हो गए हैं? क्या आपके सारे सपने अधूरे हैं? क्या आप हमेशा से ऐसा ही रहना चाहते हैं ? क्या आप अपनी जिंदगी में परिवर्तन नहीं लाना चाहते? क्या आप ने मान लिया है कि जो भी हमारे पहुंच से दूर है वह कभी हमारे पास नहीं हो सकता? आपका सवाल खुद आपसे 👍 क्या  आप पुनर्जन्म पर भरोसा करते हैं क्या आपको लगता है कि ईश्वर ने हमारा जन्म किसी न किसी जन्म में ऐसा इंसान बनाकर भेजेगा  जो उसके कर्म से ओ  सब पा सकोगे जिसे पाने को हृदय मे चाहत और तडप लगी हो। आप तो समझ ही गए होंगे कि अपने लाइफ को लगन और मिलन एक छोटे से अन्तराल को अनसुलझी पहेली बनाकर रख दिए हैं जिस तरह से खुशबु के विस्तार होने की कोई सीमा नहीं, चलना और सुवाष फैलाना इत्र के गुण है ...

सहजन या मुनगा के चमत्कारी गुण। मुनगा के गुणकारी फायदे

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सहजन या मुनगा के चमत्कारी गुण। मुनगा के गुणकारी फायदे मुनगा, सहजना, सुजना, सैजन  आदि एक ही पेड़ के अनेक नाम हैं, यह एशिया, अफ्रीका तथा यूरोप के कई देशों में पाया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा है सहजन या मुनगा के चमत्कारी गुण। मुनगा के गुणकारी फायदे          इसकी फली, पत्तियां, फूल कई देशों में सब्जी के रूप में खाया जाता है         इसका पेड़ लगभग 20 फीट लंबा होता है, टहनियां कम होती हैं, टहनियां पत्तियों से लदे रहते हैं, ठंडी ख़त्म होने लगती है तब इस की शाखाओं में सफेद फूल लद जाते हैं, देखने मे बहुत लुभावने लगते हैं, पत्तियां झड़ जाती हैं फूल ही फूल नजर आने लगता है,                लगभग हम सभी इस पौधे के बारे मे जानते हैं पर इस लेख में हमे आपको इस पेड़ के बारे मे नही अपितु इसके गुणों के बारे मे बताना है हम यह मानते हैं कि यह एक मौसमी सब्जी या फल है इसे बड़े ही सौक से खाया जाता है, पर दुख की बात यह है कि कोई कहता है कि मुझे पसंद नही है मै नही खाता, यह उसकी पसंद नापसं...

कुछ बनना है तो इंसान बन

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कुछ बनना है तो इंसान बन न हिन्दू बन ना मुसलमान बन बन सको तो इंसानबन इंसानियत को तू मत भूल पगले पैदा हुए थे तो क्या थे बदले कहां है तू खोया, नींद से आज जगले कुछ बनना है तो इंसान बन न अग्नि बन न तूफान बन इंसानियत की पहचान बन  क्या है तेरे पास जो दे सकेगा  क्या ना ले पाओ जो ओ दे सकेगा क्यू लड़ते हो नाम पे उसके उस आ तमा का भी दिल दुखेगा कुछ बनना है तो इंसान बन ना गीता बन ना कुरान बन सीधा साधा इंसान बन उसकी नजर में सब जीव जन्तु हमने ही लगाए हैं किन्तु परन्तु न पानी है तेरी न हवा है तेरा  न साम है तेरी न तेरा सवेरा किस चक्कर में हो तुम यारो ना जीत तेरी ना हार तेरा कुछ बनना है तो इंसान बन ना हैवान बन ना सैतान बन ना कोई भगवान बन देशों में बांटा धर्मो में  बांटा ऊंच नीच के कर्मो में बांटा देखा करो कभी  सोंच कर तुम अभी तक हुआ  है किसका घाटा कुछ बनना है तो इंसान बन न हिंदू बन ना मुसलमान बन बन सको तो इंसान बन Prakash Patel

गुरु मंत्र क्यों जरूरी है

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गुरु मंत्र क्यों जरूरी है  दोस्तों                   जब गुरु शिष्य परम्परा थी तो, अपने भविष्य के निर्माण के लिए गुरु की भूमिका अद्वितीय थी, कहते भी हैं बिना गुरु के ज्ञान नही मिल सकती बिना गुरु के जीवन की राह आसान नही होती, कदम कदम पर हमे गुरु की आवश्यकता महसूस होती है, एक गुरु ही है जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने मे हमारी मदद करता है।                  मित्रों मै मै किसी और की नही अपनी ही आप बीती पर आधारित इस लेख मे बता रहा हूँ कि अगर आपने अपना गुरु तलाश ना की हो तो अब समय आ गया है कि आपको अपने योग्य गुरु की तलाश कर लें,मै ए नही कह रहा कि मै उस गुरु के बारे मे बात कर रहा हूं जो आपको पूजा पाठ की तरफ फोकस करते हैं               अगर आपने संयम से आगे पढ़ा तो मेरा यकीन मानिए आपको अपने जिंदगी को सवारने मे काफी मदद मिलेगी।          तो गंभीरता से आगे बढ़ते हैं, आपने स्कूल मे कही ना कही जरूर पढ़ी होगी या कही सुना होगा ...

समय की वैज्ञानिक विश्लेषण

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समय की वैज्ञानिक विश्लेषण  जहाँ रौशनी और अंधेरा मिलते हैं वहां एक दीवार बन जाती है वही दीवार समय को दर्शाता है हमने कभी समय को ठीक तरह से समझने की कभी कोशिश ही नहीं की, मै आपको समझाने की कोशिश करूंगा आप समझना चाहते हों तो कृपा कर के ए कल्पना करने की कोशिश करें की दिन, तिथि, साल, महीना, चाँद, तारे, सूर्य कुछ भी नहीं हैं तो आप अपने को पायेगे कि आप काले अंधेरे मे हैं आप खुद को भी देख नहीं पा रहे हो, अब अपनी मेमोरी को साफ कर दो जैसे कि आपने कभी उजाले मे सिरकत किया ही ना हो, दूसरी बात यह भी अपने दिमाग मे रखें सब कुछ अचल है, क्युकी जो भी चल रहा है उनका केंद्र सूर्य है और तारें हैं, अब इन सबके बिना कायनात कैसी मालूम होगी आप कल्पना करेंगे कि अब जो भी है  सब अलग ही है, आप कहां हैं आपको पता नहीं होगा आप विरान ग्रह को महसूस करेंगे इतनी भयानक ठंड है की सबकुछ जम गई है धरती पर जीवन है तो सूर्य  की वजह से है, सूर्य से निकलने वाली किरणों मे इस संसार मे जीवन पनपाने वाली ऊर्जा का संचार होता है अब जब सूर्य तारे ही नहीं हैं तो, तो आप मान सकते हैं कि समय रुक चुका है कुछ भी ...