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देश की दिशा बदलने वाली है

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   देश की दिशा बदलने वाली है   — एक समग्र दृष्टिकोण से भारत का बदलता भविष्य भारत एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। जानिए धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक बदलावों के जरिए कैसे देश की दिशा बदल रही है। यह लेख भारत के भविष्य की गहराई से पड़ताल करता है। प्रस्तावना: क्या देश सच में बदल रहा है? भारत, जो सदियों से विविधताओं, संघर्षों और संस्कृतियों का संगम रहा है, आज नए युग की दहलीज पर खड़ा है। धार्मिक जागरण, सामाजिक सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और राजनैतिक चेतना — ये चार स्तंभ आज देश की दिशा तय कर रहे हैं। सवाल यह नहीं है कि क्या देश बदलेगा, सवाल है कि हम उसे किस दिशा में बदलना चाहते हैं। क्या हमारी दिशा जन कल्याण की भावना के साथ आगे बढ़ रही है, या किसी स्वार्थ, स्वहित के साथ दूसरों की हानि के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं।  हम चर्चा करेंगे उसकी जो हो सकती है या होने की दिशा मे है, हम उसकी बात नहीं करते जो किया जा सकता था। क्योकि जो समय की धारा बदल जाए ऐसी छमता एक दिन मे नही आती, बल्कि यह छमता धीरे-धीरे बलवान होती है और गति करती है।   धार्मिक चेतना का पु...

Four piller of life

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 Life stay On four piller जीवन के चार स्तम्भ जीवन हमेशा से किसी एक आधार पर नहीं टिकी, जीवन के चार पिलर पर टिकी हुई है, अगर इनमे से कोई भी खंबा गिरा तो जीवन रूपी मकान धराशाई हो जाएगा।  1)- सूर्य - सूर्य हमारे जिवित होने का सबसे पहला स्तम्भ कहा जा सकता है, जिसने अपने ताप ऊर्जा के निश्चित दूरी पर धरती को स्थान दिया साथ ही अपनी गुरुत्व से धरती को अपनी धुरी पर टिका कर रखती है। अन्य ग्रहो पर जीवन नहीं है इसलिए यह प्रमाणित हो जाता है कि जीवन को को पनपने के लिए, कोई भी पिंड को ऊर्जा स्रोत वाले तारे से नियत दूरी पर मौजूद होना। आपको यह ज्ञात हो कि सूर्य के करीब के ग्रह ज्यादा गर्म और सूर्य से दूर के ग्रह ज्यादा ठंडे होते हैं, सूर्य से दूरी, सूर्य की परिक्रमा, धरती की घुर्णन, आदि भी सूर्य ऊर्जा के ही कारण होती है यह हम मान सकते हैं, 2)- वायु -  वायु जीवन का दुसरा सबसे बड़ा कारण है कि पृथ्वी पर जीवन सम्भव है, वायु धरती के हर खाली स्थान को भर देता है, साथ ही अपने अंदर से किसी भी चीज़ को गमन होने देता है, कल्पना कीजिए अगर हवा कोई ठोस वस्तु होती तो क्या यह आपके काम आ सकती थीं? क्या हम अ...

Natural Compound and our life

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  Natural compound used in our daily life प्राकृतिक यौगिक का हमारे दैनिक जीवन में उपयोग किया जाना जरूरी क्यों है?  जिसे हम रोज दैनिक जीवन में उपयोग करते हैं, उसमे दो प्रकार के चीज़ शामिल होते हैं 1)-प्राकृतिक 2)-रासायनिक प्राकृतिक वह होता है, जो हमारे आस-पास शुद्ध रूप में पाया जाता है, या जिसे हम प्रकृति से सीधे प्राप्त करते हैं, जैसे ताजी हवा, ताजा पानी, फल-सब्जी, अनाज, आयुर्वेदिक औषधि आदि।        हमारा शरीर प्राकृतिक है और हर वह घटक जो प्रकृति मे शुद्ध रूप में मौजूद है वह हमारे शरीर तथा स्वास्थ्य के लिए उत्तम है, आजकल फल और सब्जियों में रसायन का प्रयोग किया जाता है जिससे फल या सब्जियों के प्राकृतिक तत्वों में आंशिक बदलाव हो जाता है और यह प्राकृतिक रूप से अशुद्ध हो जाती है। फलों और सब्जियों के स्वाद मे कमी और गुणवत्ता में कमी आ जाती है जिसके कारण हमारे शरीर मे या तो वह बुरा प्रभाव पड़ता है या पोषक तत्व कम होने से उसका पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता है।        उत्पादन को बढ़ाने के लिए आजकल कुछ भी किया जा रहा है, यह सभी को पता है।     ...

पहला कदम Frist step

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पहला कदम Frist step  पहला कदम का अर्थ ही है , चल देना, सुरु करना, कदम बढ़ाना, निकल जाना, अपनी मंजिल की ओर अपने लक्ष की दिशा में आगे बढ़ना ही पहला कदम का शाब्दिक अर्थ है।      जीवन को परिवर्तित करने मे इसी पहले कदम का महत्वपूर्ण योगदान है, इससे दो बाते होती हैं या तो आप आप अपनी सम्भावनाओं को एक नई दिशा देकर अपने सपनों की ऊंची उड़ान लगाते हुए अपनी सफलता की सीढ़ी बनाते हुए, अपने मंजिल की ओर बढ़ते हैं।या आप हार मानकर अपने कदम पीछे खींच लेते हैं।           पहला कदम ज्यादातर आसान नहीं होता, आसान इस लिए भी नहीं होता क्योंकि पहले कदम के साथ एक अनजाना डर होता है, जो इंसान को मुसीबत मे डालने का झूठा प्रतिबिंब दिखाता है, और मन मे कई तरह के सवाल उठने लगता है, मै गिर गया तो, नहीं चल पाया तो, असफल हो गया तो, धन डूब गया तो, लोग क्या कहेंगे, लोग क्या सोचेंगे आदि अनेक मानसिक भ्रांतियां उत्पन्न होने लगती है।  यह डर एक नजर से स्वाभाविक भी है, भले ही यह निराधार हो, अनजाने मे उठाया गया कदम, गलत दिशा में उठाया गया कदम, बिना जानकारी के उठाया गया कदम, बिना...

तीन भावना जिसके अंदर है, वह बादशाह है । भरोसा, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा

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      तीन भावना जिसके अंदर है       वह बादशाह है     भरोसा, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा   Three spirit inside      He is king    Trust, confidence and honesty भरोसा - :-  भरोसा नहीं तो कुछ भी नहीं, भरोसा प्रकृति का आधार है, भरोसा नहीं तो कुछ भी नहीं, " भरोसा के दो आयाम होते हैं, एक आपके अंदर की ओर दूसरी आपके बाहर की ओर, जो आपके अंदर जाती है ओ आपका behaviour बनकर बाहर आती है,और जो आयाम बाहर की ओर जाती है ओ परिवेश की behaviour बनकर आपके अंदर आती है। " जिसके अनुसार आप अपनी जीवन-शैली तय करते हैं, जीवन शैली तय करती है तो स्वाभाविक है आप उसी के अनुरूप कुछ खोते जा रहे होते हैं और कुछ पाते जा रहे होते हैं। अगर आपके अंदर भरोसा शून्य है तो आपके अंदर बहुत से संबंधित भावनाओं पर इसका नकारात्मक असर होता है, भावनाओं का आधार क्षीण होने के कारण उनमे संकुचन होने लगता है, जीवन ऊर्जा का अभाव होने लगता है। इसके विपरित अगर अधिक भरोसा है तो, जीवन कार्यशैली अलग होगी पर परिणाम लगभग समान और दुखदाई होंगे। तो भ...

क्या अति आत्मविश्वास एक बीमारी है?

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Is overconfidence a disease?  जहाँ तक विश्वास और आत्मविश्वास की बात है वहाँ तक तो लोग समझते हैं कि ठीक है लेकिन जहाँ अति आत्मविश्वास की बात होती है लोग यहां सोच लेते हैं कि उसे तो अति आत्मविश्वास हो गया है या कहते हैं कि फलां को overconfidence हो गया high confident हो गया अब ओ गया काम से  इसका मतलब यह है कि जिस व्यक्ति को अति आत्मविश्वास हुआ है उसे सच का ग्यान नही है उसने अनजाने मे ऐसा फैसला लिया है और जब उसे सच का ग्यान होगा तब उसे अपने अति आत्मविश्वास होने का पता चलेगा और इस तरह की गलती से काफी शर्मिंदा होगा। Is overconfidence a disease                         '  इस विषय पर आपको बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी आप खुद से निश्चय करें कि आप बारीकी से समझने की कोशिश करेंगे'        अति आत्मविश्वास कैसे होता है निम्न बिंदुओं पर गौर करें  1. या तो व्यक्ति की दूर की नजर कमजोर है 2. या तो व्यक्ति की सुनने की क्षमता कम है 3. या तो व्यक्ति बुद्धि से थोड़ा कमजोर ...

सफलता के 9 सूत्र

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सफलता के 9 सूत्र अपने जीवन में लाइए दोस्तों ऎसा कौन व्यक्ति है जो अपने लाइफ में सफलता पाना नहीं चाहता होगा                       जब तक हम स्कूल में होते हैं तब तक हम बिंदास जीवन जीते हैं और कालेज मे जाते हैं तब मस्ती करने में पीछे नहीं होते, अपने लाइफ के प्रति सजग नहीं होते जैसे पढ़ाई पूरी होती है वैसे ही जिम्मेदारियों का अहसास होने लगता है, तब अहसास अब जब आप किसी पोस्ट के लिए अप्लाई करते हैं होता है कि यार हमे जब अपने कॅरियर को सवारने की जरूरत थी तब हमने अपने दोस्तों के साथ मिलकर मस्ती करने मे गुजार दी।                           आज के बढ़ती जन संख्या दर ने कंपीटिशन को बहुत टफ कर दिया हमने जैसे तैसे पढ़ाई पूरी की पर जब तक नौकरी ना मिल जाए तब तक दिल को सुकून नहीं मिल सकता है।                               अब जब हम किसी पोस्ट के लिए अप्लाई करते हैं तब पता चलता है कि मात्र 10 सीटों के ल...

वजह तो यह है यार इन परेशानियों की

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परेशानियां और उलझने क्यू आती हैं  वजह और उनके निराकरण                   संसार मे ऐसा कोई इंसान नहीं जिन्हे परेशानियां और उलझने नहीं आती हैं, ए उलझने और परेशानियां इंसान के तरक्की मे बहुत बड़ी बाधा लेकर आती हैं और जब तक ए रहती हैं तब तक इंसान अपने मंजिल तक पहुचने मे अनेक प्रकार के अरचनो का सामना करता है और अंत मे हम थक हार कर बैठ जाते हैं कि बस हो गया ए काम हमारे बस का नहीं है और वह बीच मे ही अपने आप को रोक देता है और उसकी मंजिल अधूरी रह जाती है  । सफलता के 9सुत्र                      इन परेशानियों की कोई ना कोई वजह होती है जिन्हे हम पहचान कर दूर कर लिया जाए तो मेरा विस्वास ए कहता है कि हमारे परेशानीयों को कम किया जा सकता है। और अपनी तरक्की के रास्ते को साफ करने मे बहुत आसानी हो सकती है।                  मैंने ऐसे 10 कारण बताऊंगा जिन्हे आप अपने लाइफ मे सुधार कर के अपना रास्ता आसान बना सकते हैं और साथ ही आपके व्यक्तित्व ...