Giloy and immune system
गिलोय और प्रतिरक्षा प्रणाली गिलोय ऐसा औषधीय पौधा जिसके सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मे असाधारण वृद्धि देखने को मिलती है। यदि आपको लगता है कि प्रतिरक्षा में वृद्धि करना असंभव है, तो ऐसा नहीं है। प्रदूषित वातावरण, अनुचित खान-पान और रहन-सहन से हमारी प्रतिरक्षा निश्चित रूप से कमजोर हो गई है। इसके बावजूद, खोई हुई प्रतिरक्षा को भी पुनः प्राप्त किया जा सकता है। प्रतिरोध क्षमता कम होने के लक्षण 1) थोड़े गिले होने या आद्र वातावरण मे जुकाम जैसा लगना तथा कुछ घंटों मे समान्य हो जाना। 2) धूल भरी जगहों पर छींक आना तथा कुछ घंटों मे समान्य हो जाना। 3) ज़ख्म का जल्दी ठीक ना होना। 4) पेट की पाचन शक्ति कमजोर हो जाना या गरिष्ठ भोजन पचा ना पाना। 5) त्वचा के रोग बार-बार होना। 6) सिर मे रूसी होना। 7) कफ का बार-बार आना। 8) शरीर का कभी गर्म तो कभी ठंडा हो जाना। 9) भोजन मे अरुचि रहना। आदि अनेक तरह के लक्षण दिखाई देते हैं मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियों का वर्णन किया गया है। इनमें से सबसे प्रभावी गिलोय या अमृता को माना जाता रहा है। ...