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मानसिक अवस्थाएं Mentally situations

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Mentally situations ऐसा सोच जो मस्तिष्क की क्षमता को नष्ट कर दे         ऐसा क्या है जो इंसान को बदल देता है, यहां समझने वाली बात यह है कि, एक मस्तिष्क जो हमारे बॉडी को कन्ट्रोल करता है और वही मस्तिष्क हमारे मस्तिष्क को भी कंट्रोल करने का काम करता है,चूंकि लेख का शीर्षक मस्तिष्क और उसके सोच पर है तो हमे पहले मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को कम शब्दों में समझने की जरूरत पहले होगी।          हमारे शरीर मे हो रहे रासायनिक प्रक्रिया को तो मस्तिष्क सीधे तौर पर ही निर्देशित करता है परन्तु मस्तिष्क को जब कंट्रोल करना होता है तो यह कई चरणों मे काम करता है,इस प्रक्रिया मे माइंड अपने ज्ञानेन्द्रियों की सहायता लेता है। नाक की सहायता सूंघने के लिए, नेत्र की सहायता देखने के लिए, जीभ की सहायता टेस्ट के लिए, त्वचा की सहायता गर्मी, ठंडी के साथ वस्तु की भौतिक प्रकृति के लिए, अब हम विज्ञान की सहायता भी लेने लगे हैं, जहाँ हमारे प्रयोग से हमे और भी गहन अध्ययन का पता चलता है,  मस्तिष्क अब करता यह है  कि सारे इन्द्रियों से लिए गए आंकड़ों के आधार प...

पुनरावृत्ति का सिद्धांत Theory of Recurrence

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पुनरावृत्ति का सिद्धांत  Theory of Recurrence दोस्तों क्या आप जानते हैं कि ब्रह्मांड के हर पिंड पुनरावृति कर रहे हैं, तब आप यह भी मान सकते हैं कि पुनरावृति में जो उस माध्यम से जो ऊर्जा प्रगट हुई है, वह या तो पूर्व से अंत तक एक समान होगी या पूर्व से मध्य या अंत तक यह ऊर्जा कई बार स्पंदित हुई होगी।                लेकिन इससे पहले हम यह जानने की कोशिश करते हैं, कि हमारे दैनिक जीवन में कौन-कौन सी चीजें हैं  जो पुनरावृति कर रही हैं, और कौन-कौन सी चीजें स्थिर हैं, या जिनकी चाल एक सीधी रेखा पर है।        पुनरावृति का यह अर्थ लगाया जाता है कि, जब कोई ऑब्जेक्ट प्रारंभिक स्थान से चलकर पुनः एक निश्चित समय में उसी बिंदु से आकर मिलता है, अर्थात उस ऑब्जेक्ट की एक पुनरावृति कहलाती है।     धड़कन की एक छोटी पुनरावृति, श्वसन की एक पुनरावृति, घड़ी की एक पुनरावृति, धरती की एक पुनरावृति, चांद की एक पुनरावृति, ध्वनि की एक पुनरावृति, प्रकाश की पुनरावृति आदि, अब हम यह मान सकते हैं कि, हर ग्रह नक्षत्र जो हमें आकाश में दिखाई...

अनहोनी कुछ भी नहीं nothing happens without reason

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अनहोनी कुछ भी नहीं   nothing happens without reason मित्रों होनी और इसका ऑपोजिट वर्ड अनहोनी के बारे में आप भली प्रकार परिचित होंगे और आपके पास हो रही घटनाओं में आप इन शब्दों का उपयोग करते ही होंगे आप योगी मानते होंगे कि आपके साथ भी कोई ऐसी ही घटना जरूर हुई होगी या आपके किसी मित्र या पड़ोसी के साथ भी ऐसी घटना का जिक्र आया होगा बाइक चलाते हुए हुआ एक्सीडेंट  क्या अनहोनी है यह कोई अनहोनी नहीं बल्कि होनी है, जो भी इस संसार में वर्तमान में हो रही है वह 100% होनी है अनहोनी नहीं। आज तक इस संसार में कुछ भी अनहोनी नहीं हुई यह प्रकृति का नियम है कि किसी भी परिणाम के पीछे कोई ना कोई कारण अवश्य ही होती है हम इसे नकार नहीं सकते हम यह भी कहते हैं कि होनी को कौन टाल सकता है अर्थात जो इस संसार में हो रहा है उसे टाला नहीं जा सकता तो यह अनहोनी जैसी शब्द कहां से आई बेशक यह शब्द वहां से बनती है जहां अज्ञानता है, जब हमें यह नहीं पता होता कि यह कैसे हुआ तो हम यह मान लेते हैं कि ऐसा होना ही नहीं चाहिए था फिर भी हो गया अथार्त होनी नहीं अनहोनी है। अनहोनी नाम की कोई शब्द नहीं होती उन्होंने उन लोगो...

Power of six sense छठी इंद्रिय की क्षमता

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Power of six sense छठी इंद्रिय की क्षमता इस ब्रह्मांड की हर चीज गति कर रही है, परम सत्य है और इस संसार की हर वस्तु गतिमान है, जिसे हम स्थिर मान रहे होते हैं जैसे घर पहाड़ खंभा आवर पेड़-पौधे इत्यादि इत्यादि सब गतिमान हैं भले ही हमे यह स्थिर महसूस  होता है।         धरती घूम रही है उसी के साथ सभी जीव जंतु नदी पहाड़ घर सभी गति कर रहे हैं, यह एक भौतिक प्रक्रिया की गति है हमारे अंदर या किसी भी वस्तु जीव या निर्जीव सबके अंदर अणु गति कर रहे हैं।           जीव या निर्जीव एक दूसरे के ऊपर अपनी क्षमता के अनुरूप हर वस्तु जीव या निर्जीव पर अपना प्रभाव दिखाते हैं जब हम अकेले किसी कमरे में बैठे होते हैं तो घर में रखे सामान की मैग्नेटिक फील्ड और हमारी मैग्नेटिक फील्ड या घर की मैग्नेटिक फील्ड और हमारी मैग्नेटिक फील्ड आपस में जुड़े रहते हैं, इसका हमें इसका ज्ञान नहीं होता, हम इस पर कभी ध्यान नहीं देते वह निरंतर चल रहा होता है, ओ हमारे ऊपर पॉजिटिव या नेगेटिव प्रभाव डाल रहे होते हैं, इसे जानने के लिए आपको थोड़ा ज्यादा संवेदनशील होना होगा आप जितना ज्...

समय की वैज्ञानिक विश्लेषण

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समय की वैज्ञानिक विश्लेषण  जहाँ रौशनी और अंधेरा मिलते हैं वहां एक दीवार बन जाती है वही दीवार समय को दर्शाता है हमने कभी समय को ठीक तरह से समझने की कभी कोशिश ही नहीं की, मै आपको समझाने की कोशिश करूंगा आप समझना चाहते हों तो कृपा कर के ए कल्पना करने की कोशिश करें की दिन, तिथि, साल, महीना, चाँद, तारे, सूर्य कुछ भी नहीं हैं तो आप अपने को पायेगे कि आप काले अंधेरे मे हैं आप खुद को भी देख नहीं पा रहे हो, अब अपनी मेमोरी को साफ कर दो जैसे कि आपने कभी उजाले मे सिरकत किया ही ना हो, दूसरी बात यह भी अपने दिमाग मे रखें सब कुछ अचल है, क्युकी जो भी चल रहा है उनका केंद्र सूर्य है और तारें हैं, अब इन सबके बिना कायनात कैसी मालूम होगी आप कल्पना करेंगे कि अब जो भी है  सब अलग ही है, आप कहां हैं आपको पता नहीं होगा आप विरान ग्रह को महसूस करेंगे इतनी भयानक ठंड है की सबकुछ जम गई है धरती पर जीवन है तो सूर्य  की वजह से है, सूर्य से निकलने वाली किरणों मे इस संसार मे जीवन पनपाने वाली ऊर्जा का संचार होता है अब जब सूर्य तारे ही नहीं हैं तो, तो आप मान सकते हैं कि समय रुक चुका है कुछ भी ...