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सहजन या मुनगा के चमत्कारी गुण। मुनगा के गुणकारी फायदे

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सहजन या मुनगा के चमत्कारी गुण। मुनगा के गुणकारी फायदे मुनगा, सहजना, सुजना, सैजन  आदि एक ही पेड़ के अनेक नाम हैं, यह एशिया, अफ्रीका तथा यूरोप के कई देशों में पाया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा है सहजन या मुनगा के चमत्कारी गुण। मुनगा के गुणकारी फायदे          इसकी फली, पत्तियां, फूल कई देशों में सब्जी के रूप में खाया जाता है         इसका पेड़ लगभग 20 फीट लंबा होता है, टहनियां कम होती हैं, टहनियां पत्तियों से लदे रहते हैं, ठंडी ख़त्म होने लगती है तब इस की शाखाओं में सफेद फूल लद जाते हैं, देखने मे बहुत लुभावने लगते हैं, पत्तियां झड़ जाती हैं फूल ही फूल नजर आने लगता है,                लगभग हम सभी इस पौधे के बारे मे जानते हैं पर इस लेख में हमे आपको इस पेड़ के बारे मे नही अपितु इसके गुणों के बारे मे बताना है हम यह मानते हैं कि यह एक मौसमी सब्जी या फल है इसे बड़े ही सौक से खाया जाता है, पर दुख की बात यह है कि कोई कहता है कि मुझे पसंद नही है मै नही खाता, यह उसकी पसंद नापसं...

कुछ बनना है तो इंसान बन

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कुछ बनना है तो इंसान बन न हिन्दू बन ना मुसलमान बन बन सको तो इंसानबन इंसानियत को तू मत भूल पगले पैदा हुए थे तो क्या थे बदले कहां है तू खोया, नींद से आज जगले कुछ बनना है तो इंसान बन न अग्नि बन न तूफान बन इंसानियत की पहचान बन  क्या है तेरे पास जो दे सकेगा  क्या ना ले पाओ जो ओ दे सकेगा क्यू लड़ते हो नाम पे उसके उस आ तमा का भी दिल दुखेगा कुछ बनना है तो इंसान बन ना गीता बन ना कुरान बन सीधा साधा इंसान बन उसकी नजर में सब जीव जन्तु हमने ही लगाए हैं किन्तु परन्तु न पानी है तेरी न हवा है तेरा  न साम है तेरी न तेरा सवेरा किस चक्कर में हो तुम यारो ना जीत तेरी ना हार तेरा कुछ बनना है तो इंसान बन ना हैवान बन ना सैतान बन ना कोई भगवान बन देशों में बांटा धर्मो में  बांटा ऊंच नीच के कर्मो में बांटा देखा करो कभी  सोंच कर तुम अभी तक हुआ  है किसका घाटा कुछ बनना है तो इंसान बन न हिंदू बन ना मुसलमान बन बन सको तो इंसान बन Prakash Patel

गुरु मंत्र क्यों जरूरी है

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गुरु मंत्र क्यों जरूरी है  दोस्तों                   जब गुरु शिष्य परम्परा थी तो, अपने भविष्य के निर्माण के लिए गुरु की भूमिका अद्वितीय थी, कहते भी हैं बिना गुरु के ज्ञान नही मिल सकती बिना गुरु के जीवन की राह आसान नही होती, कदम कदम पर हमे गुरु की आवश्यकता महसूस होती है, एक गुरु ही है जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने मे हमारी मदद करता है।                  मित्रों मै मै किसी और की नही अपनी ही आप बीती पर आधारित इस लेख मे बता रहा हूँ कि अगर आपने अपना गुरु तलाश ना की हो तो अब समय आ गया है कि आपको अपने योग्य गुरु की तलाश कर लें,मै ए नही कह रहा कि मै उस गुरु के बारे मे बात कर रहा हूं जो आपको पूजा पाठ की तरफ फोकस करते हैं               अगर आपने संयम से आगे पढ़ा तो मेरा यकीन मानिए आपको अपने जिंदगी को सवारने मे काफी मदद मिलेगी।          तो गंभीरता से आगे बढ़ते हैं, आपने स्कूल मे कही ना कही जरूर पढ़ी होगी या कही सुना होगा ...

समय की वैज्ञानिक विश्लेषण

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समय की वैज्ञानिक विश्लेषण  जहाँ रौशनी और अंधेरा मिलते हैं वहां एक दीवार बन जाती है वही दीवार समय को दर्शाता है हमने कभी समय को ठीक तरह से समझने की कभी कोशिश ही नहीं की, मै आपको समझाने की कोशिश करूंगा आप समझना चाहते हों तो कृपा कर के ए कल्पना करने की कोशिश करें की दिन, तिथि, साल, महीना, चाँद, तारे, सूर्य कुछ भी नहीं हैं तो आप अपने को पायेगे कि आप काले अंधेरे मे हैं आप खुद को भी देख नहीं पा रहे हो, अब अपनी मेमोरी को साफ कर दो जैसे कि आपने कभी उजाले मे सिरकत किया ही ना हो, दूसरी बात यह भी अपने दिमाग मे रखें सब कुछ अचल है, क्युकी जो भी चल रहा है उनका केंद्र सूर्य है और तारें हैं, अब इन सबके बिना कायनात कैसी मालूम होगी आप कल्पना करेंगे कि अब जो भी है  सब अलग ही है, आप कहां हैं आपको पता नहीं होगा आप विरान ग्रह को महसूस करेंगे इतनी भयानक ठंड है की सबकुछ जम गई है धरती पर जीवन है तो सूर्य  की वजह से है, सूर्य से निकलने वाली किरणों मे इस संसार मे जीवन पनपाने वाली ऊर्जा का संचार होता है अब जब सूर्य तारे ही नहीं हैं तो, तो आप मान सकते हैं कि समय रुक चुका है कुछ भी ...