गुरु मंत्र क्यों जरूरी है
गुरु मंत्र क्यों जरूरी है
दोस्तों
जब गुरु शिष्य परम्परा थी तो, अपने भविष्य के निर्माण के लिए गुरु की भूमिका अद्वितीय थी, कहते भी हैं बिना गुरु के ज्ञान नही मिल सकती बिना गुरु के जीवन की राह आसान नही होती, कदम कदम पर हमे गुरु की आवश्यकता महसूस होती है, एक गुरु ही है जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने मे हमारी मदद करता है।
मित्रों मै मै किसी और की नही अपनी ही आप बीती पर आधारित इस लेख मे बता रहा हूँ कि अगर आपने अपना गुरु तलाश ना की हो तो अब समय आ गया है कि आपको अपने योग्य गुरु की तलाश कर लें,मै ए नही कह रहा कि मै उस गुरु के बारे मे बात कर रहा हूं जो आपको पूजा पाठ की तरफ फोकस करते हैं
अगर आपने संयम से आगे पढ़ा तो मेरा यकीन मानिए आपको अपने जिंदगी को सवारने मे काफी मदद मिलेगी।
तो गंभीरता से आगे बढ़ते हैं, आपने स्कूल मे कही ना कही जरूर पढ़ी होगी या कही सुना होगा मै आपको एक छोटी सी कहानी की तरफ ले जाता हूँ जिससे आपको हमारी बातों को समझाने मे आसानी होगी, कहानी का एक महत्वपूर्ण तथ्य ये है।
एक बार एक साधु ने अपनी कुटिया में कुछ तोते पाल रखे थे।उसने सभी तोते को एक पाठ रटा दिया की ये तोते हमारी अनुपस्थिति मे किसी शिकारी के जाल मे ना फस जाए ओ ए था " शिकारी जंगल मे आएगा, जाल फैलाएगा, दाने का लोभ दिखाएगा, जाल में फंसना नही चाहिए सभी तोते किसी गीत की तरह रट लेते हैं। एक दिन साधु भिक्षा मांगने के लिए पास के एक गांव में गए।इसी बीच एक बहेलिया ने देखा एक पेड़ पर तोते बैठे हैं उसे उन पक्षियों को देख उसे लालच हुआ उसने उन सभी तोते को पकड़ने की योजना बनाने लगा। तभी तोते एक साथ गाने लगे शिकारी जंगल मे आएगा, जाल फैलाएगा, दाने का लोभ दिखाएगा, जाल में फंसना नहीं चाहिए। बहेलिया ने जब यह सुना तो आश्चर्यचकित रह गया
उसने इतने समझदार तोते कहीं देखें ही नहीं थे उसने सोचा इन्हे पकड़ना असंभव हैं ये तो प्रशिक्षित तोते लगते हैं। बहेलिया को नींद आ रही थी उसने उसी पेड़ के नीचे अपनी जाल में कुछ अमरूद के टुकड़े डाल कर सो गया, सोचा कि संभवतः कोई लालची और बुद्धू तोता फंस जाएं।
कुछ समय बाद जब वह सोकर उठा तो देखा कि सारे तोते जाल के अंदर फसे हुए हैं और वही गाना गा रहे हैं एक साथ गा रहे थे कि.शिकारी जंगल मे आएगा, जाल फैलाएगा, दाने का लोभ दिखाएगा, जाल में फंसना नहीं चाहिए शिकारी उन सब बुद्धू तोते की हाल देख हंस पड़ा और सब को पकड़ कर ले गया।
दोस्तों इस कहानी मे गुरु साधु है और शिष्य तोते, साधु ने सिखाया और सारे तोते उसे रट लिए, इस कहानी का सार बताने की जरूरत मै नही समझता आप समझ ही गए होंगे।
हमे पता है कि
अपने घरों मे शुरू से चली आ रही गुरु मंत्र लेने की परंपरा होती है आपके दादा परदादा, पिता आदि भी गुरुमंत्र लिया होगा, क्यू क्या है यह परंपरा -
ऐसा नही है कि हमारे गुरु ने हमारे कान मे ऐसा मंत्र फूका, जिसे इस संसार मे कोई नही जानता, ए वही मंत्र हैं जिसे हम सब जानते हैं, फिर हमारे गुरु महाराज ने हमें वही मंत्र क्यू बताया, जरूरी ए नही की हमारे गुरु ने साधारण चलने वाली मंत्र बताया जरूरी ए है कि हमारे गुरु ने वह मंत्र बताया, कहने का तात्पर्य यह है कि हमने किसी किताब से वह मंत्र लिया है या पढ़ा है, या किसी के मुख से सुना है, तो उसका उतना महत्व नही जितना कि गुरु के वचन से लिया गया है।
गुरु मुख से लिया गया मंत्र बहुत ही प्रभावी होता है, उसका वजह यह है कि उस मंत्र मे आपका पूर्ण विस्वास होता है, आपके गुरु का वरदान होता है।
मै एक छोटा सा उदाहरण देना चाहूंगा आप खुद को ही इमेजिन कर सकते हैं मान लो की आपमें दूसरों की अपमान करने की एक बुराई है आपका दोस्त या आपके घर वाले आपको सचेत करते हैं कि यार दूसरों को ऐसे अपमानित करना बुरी बात है ये पाप है आज से आप कोई बुराई नही करना है, मैं यह पूरे विश्वास से कह सकता हूँ कि आपके दोस्तों और आपके परिवार के सदस्यों के ए सुझाव आपको सही दिशा नही दे पाएंगे उनके बात का आपके ऊपर उनके सुझाव का कोई फर्क नहीं पड़ता, ऐसा क्यू होता है, ऐसा इसलिए होता है कि आपके दोस्त एवं आपके परिवार के सदस्य आपको हमेशा से ऐसे सुझाव देते रहे हैं, आपको उनकी आदत भी लग चुकी है उनकी बातों को नजरअंदाज करने की, इसलिए उनकी बातें बेअसर होती हैं।
फिर क्या होता है आपके कोई ऐसे कोई आपके आदर्श व्यक्ति, या आपके कोई गुरु या गुरु समान व्यक्ति के पास आपको लेजाकर उनको बोले कि हम तो कह के थक गए पर ये हमारी बात नही सुनता आप ही इसे समझा दीजिए,और जब आपको उनके द्वारा समझाया जाता है तो आप दूसरों को अपमानित करने वाली बुराई को अपने अंदर से बाहर निकाल देते हैं, क्या मैं सही कह रहा हूँ?
तो आपको चाहिए कि आपने अभी तक गुरु नही बनाया तो जल्दी ही आप अपना योग्य गुरु बना लीजिए, अगर आपको अपना गुरु किसे बनाए इस बात की समस्या है तो मै आपको एक आसान तरीका बताता हू पर मुझे आप अभी के लिए गुरु मानना होगा नही तो मेरे सुझाव भी आपके कोई काम का नही है, आपके परिचय में ही ऐसा कोई ऐसा व्यक्ति जरूर होगा जिसका व्यक्तित्व आपको आकर्षित करता होगा, उनका समाज मे काफी सम्मान होता होगा, वे उस मार्ग में बहुत असाधारण पहुच रखते होंगे जिस रास्ते पर आप जाना चाहते हैं, बस उनको fallow करना शुरू कर दीजिए, उनके साथ रहना शुरू कर दीजिए, उनकी सुझावों को सिरोधार करना सुरू कर दीजिए, अब आप पाएंगे कि अब आपका रास्ता आसान होने लगा है, गुरु मंत्र काम करने लगा है। कुछ भी हो चाहे आपको सही लगे या गलत लगे उनकी बातों को ठुकराइए नही उनके कदम से कदम मिला कर चलिए, बस आपको गुरु मिल चुके हैं अब आपको अपनी मंजिल तक पहुंचने में सफल रहेंगे यह मेरा विश्वास है।
ऐसी होती है गुरु वाणी,
आपका Prakash Patel




Jai ho...
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