पहला कदम Frist step

पहला कदम Frist step 

पहला कदम का अर्थ ही है , चल देना, सुरु करना, कदम बढ़ाना, निकल जाना, अपनी मंजिल की ओर अपने लक्ष की दिशा में आगे बढ़ना ही पहला कदम का शाब्दिक अर्थ है। 

Frist step Success


   जीवन को परिवर्तित करने मे इसी पहले कदम का महत्वपूर्ण योगदान है, इससे दो बाते होती हैं या तो आप आप अपनी सम्भावनाओं को एक नई दिशा देकर अपने सपनों की ऊंची उड़ान लगाते हुए अपनी सफलता की सीढ़ी बनाते हुए, अपने मंजिल की ओर बढ़ते हैं।या आप हार मानकर अपने कदम पीछे खींच लेते हैं। 
         पहला कदम ज्यादातर आसान नहीं होता, आसान इस लिए भी नहीं होता क्योंकि पहले कदम के साथ एक अनजाना डर होता है, जो इंसान को मुसीबत मे डालने का झूठा प्रतिबिंब दिखाता है, और मन मे कई तरह के सवाल उठने लगता है, मै गिर गया तो, नहीं चल पाया तो, असफल हो गया तो, धन डूब गया तो, लोग क्या कहेंगे, लोग क्या सोचेंगे आदि अनेक मानसिक भ्रांतियां उत्पन्न होने लगती है।
 यह डर एक नजर से स्वाभाविक भी है, भले ही यह निराधार हो, अनजाने मे उठाया गया कदम, गलत दिशा में उठाया गया कदम, बिना जानकारी के उठाया गया कदम, बिना आत्मविश्वास के उठाया गया कदम सम्भवतः खतरनाक साबित हो सकता है। अगर आपको तैरना नहीं आता और आप गहरे तालाब मे कूद जाते है तो निश्चित ही आपका यह पहला कदम जानलेवा साबित हो सकता है, गहरे तालाब मे कूदने से पहले कम पानी में उतरकर तैरना सीख लेना बुद्धिमानी है, जिस रास्ते पर चलकर लोग सफल हुए हैं उन रास्तों पर चलकर आप अपने मंजिल को आसान बना सकते हैं, कठिनाइयां हर रास्ते पर होती हैं परंतु कठिनाईयों से डरकर कोई मंजिल प्राप्त नहीं होती, जोखिम तो लेना ही होगा।
  पहला कदम बढ़ाना बड़ा ही साहस का काम है, या तो यह मूर्खता से भरा हो सकता है या सोची समझी रणनीति के साथ पहला कदम उठाया जा सकता है जिससे सफ़लता की संभावना मे वृद्धि हो सके।
   जो पेड़ पर  चढ़ने का साहस करता है उसके साथ दो बातें हो सकती हैं या तो वह मीठे स्वादिष्ठ फल प्राप्त कर सकता है और अपने परिवार को फल भेट दे सकता है या अगले ही पल जमीन पर गिरकर अपनी जान जोखिम मे डाल सकते हैं, इसके विपरित अगर आप कुछ ना करें पेड़ के नीचे बैठकर मीठे फल खाने के सपने देख सकते हैं पर यह फल आपको कभी प्राप्त नहीं हो सकती,  सपना, सपने बन कर ही रह जाएंगे, ईश्वर की कृपा हुई तो एकाध फल नीचे गिर गया और आपको मिल गया तो संयोग है पर आपके कर्मों से मिला है ऐसा नहीं कह सकते, जहां अपने कर्म से पाने की बात है वहां जोखिम भी साथ ही होती है।
    वह कार कभी भी अपने मंजिल पर नहीं पहुंच सकती जो बंद और खराब पडी हुई है बशर्ते कि उसे किसी ट्रक मे भरकर किसी अन्य स्थान पर पहुंचाया ना जाए, आपको अपनी मंजिल खुद तय करनी होगी, हां एक रास्ता और भी है उस बिगड़ी हुई कार की तरह, आप भी किसी के सहयोग से अपने मंजिल पर पहुंच सकते हैं, परंतु यहां किसी को क्या पडी हुई है जो आपको आपकी मंजिल तक पहुंचने मे आपकी मदद करेगा, आजकल कोई किसी की मदत करने के लिए आगे नहीं आता अगर उसे कोई लाभ नहीं हो।
  Network marketing business एक ऐसा माध्यम है जहां आपको, आपकी मंजिल तक पहुचने मे आपका अपलाइन आपकी भरपूर मदत कर सकता है अगर आप अपने मुकाम तक पहुचने की हार्दिक ईच्छा रखते हैं, वह इसलिए कि जब आप आगे बढ़ेंगे तब ही आपका अपलाइन भी आगे बढ़कर अपने मंजिल को तय कर सकता है।
           जो खतरे से लड़ता है वहीं खतरों का खिलाड़ी बनता है, बिना रिस्क लिए सफ़लता का कोई स्वाद ही नहीं है, आपने देखा होगा जंगल मे ऊंचे ऊंचे बांस की झाड़ियां, जब सैकड़ों बांस एक दूसरे से टीके रहकर बहुत ऊचाईयों तक बढ़ जाते हैं, परंतु सभी को काट दिया जाए और एक को छोड़ दिया जाए तो वह अकेला बांस अपने आप ही जमीन मे गिर जाएगा, ठीक इसी तरह जहां आपके टीम का सहारा हो तो आप अभी अपार ऊचाईयों तक पहुच सकने मे समर्थ हो जाते हैं, जो अकेले के बस की बात नहीं थी, जैसे उस अकेले बांस की। कहते हैं एकता मे शक्ति होती है।
     संगठन बनाकर चलना कदम बढ़ाने का सबसे सुरक्षित तरीका है, जहां एक दूसरे की सहायता कर मंजिल तक जाने वाली रास्ता को आसान और खुशनुमा बना देता है। छोटे छोटे जंगली कुत्ते भी झुंड में एक साथ मिलकर बड़े बड़े जानवरों का शिकार करने मे सफल हो जाते हैं, जब वह ग्रुप बनाकर और योजना बनाकर काम करते है,
   अगर आपको मजबूत पेड़ बनना है तो अदम्य साहस और मजबूत इरादे और अच्छी समझ के साथ पहला कदम बढ़ाए निश्चित ही सफ़लता आपके क़दमों में होगा।
धन्यवाद

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