Narendra Modi is a greatest hero नरेंद्र मोदी एक महान नायक


Narendra Modi greatest hero

नरेंद्र मोदी एक महान नायक 


आपने कभी रेगिस्तान का विशाल मैदान देखा होगा, रेगिस्तान के विशाल मैदान की स्थिति कभी एक जैसी नहीं होती, समय दर समय आने वाले आंधी और तूफ़ानों से रेत उड़ती रहती है और स्थितियों में बदलाव होते रहते हैं।
Narendra Modi mahan nayak

         यह संसार भी ऐसा ही है जैसी परिस्थितियां बनती है वैसा ही कार्य होते चले जाते हैं, और संसार समय अनुसार बदलता रहता है इस संसार में मुख्यतः तीन प्रकार के लोग रहते हैं, एक जो पाप कर्म करते हैं, दूसरे जो धर्म कर्म करते हैं, और तीसरे जो इन पाप और पुण्य के चक्कर में बीच में धक्के खाते रहते हैं।
    समय-समय पर राम, कृष्ण, बुद्ध जैसे महापुरुष इस संसार में आते रहते हैं मैं यह पूर्ण रूप से नहीं मानता हूं कि किसी महात्मा का जन्म हुआ है अपितु उस आत्मा में समय की मांग के अनुरूप अपने आप को एक योद्धा के रूप में तैयार करने की क्षमता होती है, और समय की मांग के अनुसार समय एक दिन उन्हें प्रस्तुत करता है और उनके कंधों पर समय की महान बदलाव का भार डाल देती है। समय को भली प्रकार पता होता है कि किस कार्य का भार किस व्यक्ति पर डालना है।
   रेगिस्तान में 1-1 रेत का कण उड़ता है, दूसरे जगह जाकर गिरता है और एक विशाल ढेर बना देता है, किसी पहाड़ की तरह। ठीक उसी तरह संसार में विचारों का पतन और उत्थान होता रहता है,
सनातन धर्म की कथाओं में ऐसा कई बार हुआ है कि जब दुष्ट आत्माएं दुराचारी राक्षस जैसे लोग जब बली हो जाते हैं, तो सामान्य जनजीवन में उत्पात करते हैं। प्रकृति को बदलने का प्रयास करते हैं तो प्रकृति ही ऐसा करती है कि उनके विरुद्ध काम करना शुरू कर देती है, और एक दिन उसका विनाश निश्चित रूप से तय  हो जाता है।
अगर किसी धर्म किसी परंपरा में मानवोचित अर्थात मनुष्य के विचार के सुमति ना हो तो एक ना एक दिन उसका अंत निश्चित है, जो प्राकृतिक होता है संभवतः उसमें बदलाव या उत्थान में युगों का समय लगे और ऐसे बदलाव मनुष्य जीवन सुखमय और राष्ट्रहित और आनंदमय जीवन लंबे समय तक बना रहता है।
 निश्चित रूप से सनातन धर्म एक ऐसी परंपरा है जहां मामूली आपसी घर्षण के बिना इंसान सदियों तक जीवित रहा और ज्ञान-विज्ञान की महान संभावनाओं की खोज की। हमारा सनातन धर्म ऋषि मुनियों की छत्रछाया में पलती पढ़ती थी उन्हीं की आश्रम रूपी झोली में सनातन धर्म निवास करती थी। जैसा कि प्रकृति का नियम है, जो आया है वह जाएगा, जो गया है वह आएगा।
        कलयुग के अंतिम चरण में जहां अधर्म का जन्म हुआ वहीं इस्लाम का  भी जन्म हुआ इस्लाम अपने मजबूत मजहब नीति से संसार के अधिकतर देशों में अपने पांव पसार चुकी है, और आगे विस्तार भी कर रही है। मैं यहां इस्लाम की बात इसलिए कर रहा हूं कि धर्म और मान्यताएं तो अन्य है पर जहां शांति से जीवन जीने को प्रेरित किया जाता है वह धर्म निसंदेह बिना किसी घर्षण और अवरोध के हजारों लाखों साल से संसार में जीवित और अटल रहेंगी।
        हो सकता है मेरी बातें यहां पास किसी को रास ना आए, लेकिन इस्लाम का निर्माण ही ऐसी परिस्थिति में इसी वजह से हुआ या किया गया कि मेरे मत को मानो, ना मानो तो तुम्हें जीने का हक नही क्यूकी तुम काफिर हो। किसी को बुरा लग सकता है लेकिन मैं गहराई में अभी यहां नहीं जाना चाहता, जिस संसार में सनातन जैसे महान धर्मी और ज्ञान-विज्ञान है वही इस्लाम का जन्म इस तरह  की धारणा में होना बेशक एक अज्ञानता है। जिसने भी इस्लाम को बनाया उसे ज्ञान विज्ञान के सागर की गहराई देखकर नहीं बनाया  अपितु सागर की दूर-दूर तक फैलाव देखकर या रेगिस्तान का फैलाव देखकर बनाया गया है। जहां लगता है कि सागर के इस पार हम हैं लेकिन सागर के उस पार कुछ भी नहीं।

जो दांत जल्दी निकलते हैं वहीं जल्दी टूटते भी हैं, यह सत्य है कि विस्तार की एक सीमा होती है, कमजोर पड़ोसी को डराकर उसके जमीन और उसके घर पर भी कब्जा किया जा सकता है परंतु जब पड़ोसी मजबूत और जवाब देने लगे तो उसी दमनकारी पड़ोसी का अंत शुरू होने लगता है।
        इस्लाम का विस्तार अब अन्य धर्मों में जनों को धर्म परिवर्तन करके नहीं बढ़ाया जा सकता, अब इस्लाम के विस्तार का एक ही तरीका है अपने जनसंख्या को बढ़ाकर और जनसंख्या बढ़ा कर धन विस्तार करना कोई समाधान नहीं है।
अब मैं अपने शीर्षक पर आता हूं आप सोच रहे होंगे कि मैंने शीर्षक रखा है "नरेंद्र मोदी एक महान नायक "तो मैंने क्या बकवास लिख रहा हूं।
         नरेंद्र मोदी इस युग के महान नेता ही नहीं बल्कि एक महान नायक के रूप में उतरेंगे, नरेंद्र मोदी जैसा महान नायक  करोड़ों की सेना तैयार करेगा दुनिया उनके सेना के सामने लोहा मानेगी, सनातन धर्म का विस्तार होगा नरेंद्र मोदी जैसे महान महान नायकों के कंधे पर प्रकृति अपने परिवर्तन का भार डालेगी, अभी आप देख रहे होंगे कि प्रकृति का बदलाव क्रमशः निरंतर हो रहा है, अब एक चिंगारी थी जो छिटक चुकी है, आग लग चुकी है, अब यह कभी ना बुझने वाली आग की तरह हमेशा जलती रहेगी, और हमें देखना है कि यह कितना विशाल होती है कहां तक जाती है, यह कोई दो इंसानों की लड़ाई नहीं है बल्कि, प्रकृति के उन दो शक्तियों के बीच की लड़ाई है जिसमें एक कुछ समय के लिए खत्म होगा और एक कुछ समय के लिए अमर होगा। उस बालू के टीले की तरह जो रेगिस्तान में एक जगह से दूसरी जगह जाता रहता है, मैं यह कदापि नहीं कह रहा हूं कि नरेंद्र मोदी कोई आखरी युग नायक हैं अपितु यह पहले युग नायक हैं और अभी कई नायक आएंगे और इस प्रक्रिया का नियमितीकरण रखेंगे, गति रखेंगे।
    इस संसार में सुख है तो दुख है, लाभ है तो हानि है, धर्म है तो अधर्म है, देवता है तो दानव है, दिन है तो रात भी है, यह एक चक्र है बेशक यह चक्र चलते हुए जहां भी गमन करेगी वैसा ही फल देगी, जिस रंग की फुल होगी उसी रंग की रंगत दिखेगी।
       मैं बात नरेंद्र मोदी की करूँ तो उनकी कोई धारणा नहीं है, उनका कोई मत नहीं है, उन्हें क्या करना है यह नहीं पता है, क्या करना चाहिए या भी नहीं पता है, नरेंद्र मोदी लोगों की एक सोच हैं,  मानवता की एक धारणा हैं, यह भारत की एक मत हैं, एक आवाज हैं, एक कर्म हैं और एक योद्धा हैं,  एक रंग हैं, उन्हें क्या करना है क्या करना चाहिए उन्हें जो प्रेरणा आती है जन जीवन से वही वह करते हैं।
    अगर कोई माननीय नरेंद्र मोदी को गलत कहता है तो वह सर्वदा गलत है क्योंकि नायक कभी गलत नहीं हो सकता क्योंकि वह जन का नायक होता है।
"अधर्मा धर्मो गमय"
धन्यवाद

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