माया का संसार
माया का संसार
माया का संसार तुम्हारा माया का संसार,
एक तरफ लगे पासा दूजे तरफ तेज धार।
माया का संसार तुम्हारा माया का संसार। १
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जैसे उपजी काया से काया वैसे आई माया,
दूर का वासी भाई लगे, अपना भाई पराया,
माया का संसार तुम्हारा माया का संसार। २
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दूर बैठा वह देख रहा, तुम्हारी करतूतों को,
उसकी तरफ पीठ करके पूज रहे हो भूतों को,
माया का संसार तुम्हारा माया का संसार। ३
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भूत तुम्हारे साथ खड़े हैं, आज अभी और कल,
तूने प्रभुनाम से बांध रखा, क्या मेरा रूप-विशाल।
माया का संसार तुम्हारा माया का संसार। ४
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आँख खोल के देख जगत मे, मेरा क्या परमान,
आँख बंद कर देख पायेगा, जब करेगा मेरा ध्यान।
माया का संसार तुम्हारा माया का संसार। ५
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जो सताता, जो सताया जाता, मेरा सबसे नाता,
मै ही कर्म,मै कर्ता - कारण, मै ही दण्ड, सुखदाता।
माया का संसार तुम्हारा माया का संसार। ६
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तेरे सुख के लाखों उपाय, एक भी पाए तु तर जाय,
और किसी को जग ना भाये, देख पिछे,हमी को पाए।
माया का संसार तुम्हारा माया का संसार। ७
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ऐसा बनाया हमने जगको ,हर फूल के फल बनजाते,
वह,फूल जो फल न पाते, वही फूल हैं हम तक आते।
माया का संसार तुम्हारा माया का संसार। ८
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तुम वापस आओ या जग मे खो जाओ, तुम्हारी मर्जी,
आनाहो अभी आजाओ, मेरे पास आनेकी कैसी अर्जी
माया का संसार तुम्हारा माया का संसार। ९
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बाहर की खोज छोड़ कर, अंदर की तरफ तो देख,
हम भी वही थे, तुम भी वहीं हो, वही है सारा देश।
माया का संसार तुम्हारा माया का संसार। १०
Ramprakash Patel
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