सहजन या मुनगा के चमत्कारी गुण। मुनगा के गुणकारी फायदे
सहजन या मुनगा के चमत्कारी गुण। मुनगा के गुणकारी फायदे
मुनगा, सहजना, सुजना, सैजन
आदि एक ही पेड़ के अनेक नाम हैं, यह एशिया, अफ्रीका तथा यूरोप के कई देशों में पाया जाता है।
इसका वैज्ञानिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा है
![]() |
सहजन या मुनगा के चमत्कारी गुण। मुनगा के गुणकारी फायदे
इसकी फली, पत्तियां, फूल कई देशों में सब्जी के रूप में खाया जाता है
इसका पेड़ लगभग 20 फीट लंबा होता है, टहनियां कम होती हैं, टहनियां पत्तियों से लदे रहते हैं, ठंडी ख़त्म होने लगती है तब इस की शाखाओं में सफेद फूल लद जाते हैं, देखने मे बहुत लुभावने लगते हैं, पत्तियां झड़ जाती हैं फूल ही फूल नजर आने लगता है,
लगभग हम सभी इस पौधे के बारे मे जानते हैं पर इस लेख में हमे आपको इस पेड़ के बारे मे नही अपितु इसके गुणों के बारे मे बताना है हम यह मानते हैं कि यह एक मौसमी सब्जी या फल है इसे बड़े ही सौक से खाया जाता है, पर दुख की बात यह है कि कोई कहता है कि मुझे पसंद नही है मै नही खाता, यह उसकी पसंद नापसंद की बात नही है बल्कि जानकारियों की कमी है, इसके गुणों की जानकारी नही है, कोई बात नही ऐसा मेरा मानना है कि इस लेख को पढ़ने के बाद आप जरूर खाना पसंद करने लगेंगे।
![]() |
सहजन या मुनगा के चमत्कारी गुण। मुनगा के गुणकारी फायदे
आयूर्वेद मे मुनगा की छाल, पत्ती, फूल, जड़ तथा फल आदि की रस या पाउडर बना कर उपयोग किया जाता है, कई कम्पनियां मुनगा के सत्व से बने कई उत्पाद को बाजार में लांच किए हैं और करोड़ों का व्यापार कर रहे हैं हैं। और हम उसका उपयोग अपनी शारीरिक कमियों को दूर करने के लिए मुनगा से ही बने उत्पाद को इन्ही महंगी महंगी उत्पादों को खरीदते हैं, जहाँ सहजन की ताजी सब्जियाँ और फुल, पत्ते उपलब्ध ना हो तो हमारी मजबूरी हो जाती है, अगर आपके पास घर या घर के आसपास सहजन के पेड़ होती तो उसका भरपूर उपयोग किजिये और अपनी मित्रों को भी इसकी सलाह दीजिए, अगर आसपास नहीं मिले तो भाई बाजार से आप खरीद के भी ला सकते हैं,
सहजन के विभिन्न अंगों के रस को मधुर, वातघ्न, रुचिकारक, वेदनाशक, पाचक आदि गुणों के रूप में जाना जाता है। सहजन में दूध की तुलना में चार गुना कैल्शियम और दोगुना प्रोटीन पाया जाता है।

सहजन का रस सुबह-शाम पीने से हाई ब्लड प्रेशर में लाभ होता है। इसकी पत्तियों के रस के सेवन से मोटापा धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसकी छाल के काढ़े से कुल्ला करने पर दांतों के कीड़े नष्ट होते है और दर्द में आराम मिलता है। इसके कोमल पत्तों का साग खाने से कब्ज दूर होता है। इसके अलावा इसकी जड़ के काढ़े को सेंधा नमक और हींग के साथ पीने से मिर्गी के दौरों में लाभ होता है। इसकी पत्तियों को पीसकर लगाने से घाव और सूजन ठीक होती है।
इसे कैंसर और शरीर में बनी गांठ, फोड़ा आदि में सहजन की जड़ का अजवाइन, हींग और सौंठ के साथ काढ़ा बनाकर पीने का प्रचलन है। देखा गया है कि यह काढ़ा साइटिका, पैरों में दर्द, जोड़ों में दर्द, लकवा, दमा, सूजन, पथरी आदि में लाभकारी है। सहजन की गोंद को जोड़ों के दर्द और शहद को दमा आदि रोगों में लाभदायक माना जाता है। आज भी ग्रामीणों की ऐसी मान्यता है कि सहजन के प्रयोग से वायरस से होने वाले रोग, जैसे चेचक के होने का खतरा टल जाता है।

सहजन की फली की सब्जी खाने से पुराने गठिया, जोड़ों के दर्द, वायु संचय, वात रोगों में लाभ होता है। इसके ताजे पत्तों का रस कान में डालने से दर्द ठीक हो जाता है। साथ ही इसकी सब्जी खाने से गुर्दे और मूत्राशय की पथरी कटकर निकल जाती है। सेंधा नमक और हींग डालकर इसकी जड़ की छाल का काढ़ा पीने से पित्ताशय की पथरी में लाभ होता है। सहजन के पत्तों का रस बच्चों के पेट के कीड़े निकालता है और उल्टी-दस्त भी रोकता है।
सहजन के बीज से पानी को काफी हद तक शुद्ध करके पेयजल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसके बीज को चूर्ण के रूप में पीसकर पानी में मिलाया जाता है। पानी में घुल कर यह एक नेचुरल क्लेरीफिकेशन एजेंट बन जाता है। यह न सिर्फ पानी को बैक्टीरिया रहित बनाता है, बल्कि यह पानी की सांद्रता को भी बढ़ाता है।
सहजन में हाई मात्रा में ओलिक एसिड होता है, जो कि एक प्रकार का मोनोसैच्युरेटेड फैट है और यह शरीर के लिए अति आवश्यक है। सहजन में विटामिन-सी की मात्रा बहुत होती है। यह शरीर के कई रोगों से लड़ता है, खासतौर पर सर्दी-जुकाम से। यदि सर्दी की वजह से नाक-कान बंद हो चुके हैं तो, आप सहजन को पानी में उबालकर उस पानी का भाप लें। इससे जकडऩ कम होगी
आपको यह जानकारी कैसी लगी मुझे आपके टिप्पणी की प्रतीक्षा रहेगी
आपकाPrakash Patel
| Deshi recipe with Anita |
![]() |
| Click here 20% off |




बहुत ही सुंदर है वात रोग के बारे में सिर्फ उसके फल ही काम आते हैं यह उसकी पति भी थोड़ा इसके बारे में जानकारी दीजिए
जवाब देंहटाएंबहुत ही ज्ञानवर्धक और उपयोगी
जवाब देंहटाएंअच्छी जानकारी
जवाब देंहटाएंकोरोना से लडने में बहुत ही लाभदायक जानकारी मिली, धन्यवाद
जवाब देंहटाएं